विकास – Class 10 Economics Chapter 1: सभी प्रश्न-उत्तर (Full NCERT Solutions)

By: Sanjay Kushwah

On: September 16, 2026

📘 Class 10 – Economics

अध्याय 1 – विकास

सभी प्रश्न-उत्तर (अभ्यास + अंदर के प्रश्न)

📝

भाग A: अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1: सामान्यतः किसी देश का विकास किस आधार पर निर्धारित किया जा सकता है —
उत्तर: (घ) उपरोक्त सभी
व्याख्या: किसी देश का विकास प्रति व्यक्ति आय, औसत साक्षरता स्तर और लोगों की स्वास्थ्य स्थिति — इन सभी आधारों पर निर्धारित किया जा सकता है। केवल आय ही विकास का मापदंड नहीं है।
प्रश्न 2: निम्नलिखित पड़ोसी देशों में से मानव विकास के लिहाज से किस देश की स्थिति भारत से बेहतर है?
उत्तर: (ख) श्रीलंका
व्याख्या: तालिका 1.6 (पृष्ठ 13) के अनुसार, श्रीलंका का HDI क्रमांक 78 है, जो भारत (134) से बेहतर है।
प्रश्न 3: मान लीजिए कि एक देश में चार परिवार हैं। इन परिवारों की प्रतिव्यक्ति आय 5,000 रुपये है। अगर तीन परिवारों की आय क्रमशः 4,000, 7,000 और 3,000 रुपये हैं, तो चौथे परिवार की आय क्या है?
उत्तर: (घ) 6,000 रुपये
गणना: कुल औसत = 5,000 × 4 = 20,000; तीन परिवारों की कुल आय = 4,000 + 7,000 + 3,000 = 14,000; चौथे परिवार की आय = 20,000 – 14,000 = 6,000 रुपये
प्रश्न 4: विश्व बैंक विभिन्न देशों का वर्गीकरण करने के लिए किस प्रमुख मापदंड का प्रयोग करता है? इस मापदंड की, अगर कोई हैं, तो सीमाएँ क्या हैं?
उत्तर: विश्व बैंक विभिन्न देशों का वर्गीकरण करने के लिए प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) का प्रयोग करता है।

सीमाएँ:
  • यह केवल औसत आय बताता है, यह नहीं बताता कि आय कैसे वितरित है।
  • यह विकास के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, समानता को नजरअंदाज करता है।
  • यह लोगों के जीवन स्तर या कल्याण को पूरी तरह नहीं दर्शाता।
प्रश्न 5: विकास मापने का यू.एन.डी.पी. का मापदंड किन पहलुओं में विश्व बैंक के मापदंड से अलग है?
उत्तर:
  • विश्व बैंक केवल प्रति व्यक्ति आय को मापता है, जबकि UNDP शिक्षा, स्वास्थ्य और आय — तीनों को मापता है।
  • UNDP जन्म के समय जीवन प्रत्याशा, साक्षरता दर और प्रति व्यक्ति आय को जोड़ता है।
  • UNDP का HDI मानव कल्याण को अधिक व्यापक रूप से दर्शाता है।
प्रश्न 6: हम औसत का प्रयोग क्यों करते हैं? इनके प्रयोग करने की क्या कोई सीमाएँ हैं?
उत्तर: हम औसत का प्रयोग इसलिए करते हैं क्योंकि यह बड़ी मात्रा में उपलब्ध आँकड़ों को एक ही संख्या में समझने में मदद करता है।

सीमाएँ:
  • औसत समान वितरण को नहीं दर्शाता।
  • औसत के पीछे छिपी असमानताएँ पता नहीं चलतीं।
  • जैसे — तालिका 1.2 में दो देशों की औसत आय समान हो सकती है, परंतु वितरण भिन्न हो सकता है।
प्रश्न 7: प्रतिव्यक्ति आय कम होने पर भी केरल का मानव विकास क्रमांक हरियाणा से ऊँचा है। इसलिए प्रतिव्यक्ति आय एक उपयोगी मापदंड बिल्कुल नहीं है और राज्यों की तुलना के लिए इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। क्या आप सहमत हैं? चर्चा कीजिए।
उत्तर: हाँ, हम इस कथन से सहमत हैं कि केरल का मानव विकास क्रमांक हरियाणा से ऊँचा है, भले ही उसकी प्रति व्यक्ति आय कम है। इसका कारण यह है कि केरल में शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति बेहतर है।

लेकिन यह कहना कि प्रतिव्यक्ति आय एक उपयोगी मापदंड बिल्कुल नहीं है, सही नहीं है। प्रतिव्यक्ति आय विकास का एक महत्वपूर्ण मापदंड है, परंतु यह अकेला पर्याप्त नहीं है। विकास को मापने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, समानता जैसे अन्य मापदंडों का भी उपयोग करना चाहिए।
प्रश्न 8: भारत के लोगों द्वारा ऊर्जा के किन स्रोतों का प्रयोग किया जाता है? अब से 50 वर्ष पश्चात् क्या संभावनाएँ हो सकती हैं?
उत्तर: भारत के लोग मुख्य रूप से निम्नलिखित ऊर्जा स्रोतों का प्रयोग करते हैं —
  • पारंपरिक स्रोत: लकड़ी, गोबर, कोयला, पेट्रोलियम
  • गैर-पारंपरिक स्रोत: सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल विद्युत, बायोगैस
50 वर्ष पश्चात् संभावनाएँ:
  • जीवाश्म ईंधन समाप्त हो सकते हैं।
  • नवीकरणीय ऊर्जा का प्रयोग बढ़ेगा।
  • ऊर्जा संरक्षण पर जोर दिया जाएगा।
प्रश्न 9: धारणीयता का विषय विकास के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: धारणीयता का विषय विकास के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि —
  • यह सुनिश्चित करता है कि भावी पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध रहें।
  • यह प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन को रोकता है।
  • यह पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाता है।
प्रश्न 10: भारत के पास सब लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन एक भी व्यक्ति के लालच को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। यह कथन विकास की चर्चा में कैसे प्रासंगिक है?
उत्तर: यह कथन महात्मा गांधी का है। इसका अर्थ है —
  • पृथ्वी के संसाधन सभी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त हैं।
  • लेकिन लालचवश अत्यधिक उपभोग से संसाधन समाप्त हो सकते हैं।
  • इसलिए विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें संसाधनों का न्यायपूर्ण और धारणीय उपयोग हो।
प्रश्न 11: पर्यावरण में गिरावट के कुछ ऐसे उदाहरणों की सूची बनाइए जो आपने अपने आसपास देखे हों।
उत्तर:
  • नदियों और तालाबों में प्रदूषण
  • वायु प्रदूषण (वाहनों और कारखानों से)
  • भूमिगत जल स्तर में गिरावट
  • वनों की कटाई
  • मिट्टी का कटाव और बंजर होना
  • प्लास्टिक कचरा और ठोस कचरे का बढ़ना
प्रश्न 12: तालिका 1.6 में दी गई प्रत्येक मद के लिए ज्ञात कीजिए कि कौन-सा देश सबसे ऊपर है और कौन-सा सबसे नीचे।
उत्तर: तालिका 1.6 (पृष्ठ 13) के अनुसार —
मदसबसे ऊपरसबसे नीचे
सकल राष्ट्रीय आय प्रति व्यक्तिश्रीलंका (11,899)नेपाल (4,026)
जन्म के समय संभावित आयुश्रीलंका (76.6)पाकिस्तान (66.4)
विद्यालयी औसत आयुश्रीलंका (11.2)नेपाल (4.4)
HDI क्रमांकश्रीलंका (78)नेपाल (146)
प्रश्न 13: नीचे दी गई तालिका में भारत में व्यस्कों (15-49 वर्ष) जिनका बी.एम.आई. सामान्य से कम है, का अनुपात दिखाया गया है। तालिका का अध्ययन करके निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दीजिए।
उत्तर:

(क) केरल और मध्य प्रदेश के लोगों के पोषण स्तरों की तुलना कीजिए।

केरल में कम बी.एम.आई. वाले पुरुष 8.5% और महिलाएँ 10% हैं, जबकि मध्य प्रदेश में पुरुष 28% और महिलाएँ 28% हैं। इससे स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश में कुपोषण की समस्या केरल से अधिक गंभीर है। केरल में पोषण स्तर बेहतर है।

(ख) क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि देश में लगभग पाँच में से एक व्यक्ति अल्पपोषित क्यों है?

देश में पर्याप्त खाद्य होने के बावजूद लगभग पाँच में से एक व्यक्ति अल्पपोषित है, क्योंकि —

  • खाद्य का असमान वितरण है।
  • गरीबी के कारण कुछ लोग पर्याप्त भोजन नहीं खरीद पाते।
  • पौष्टिक आहार की जानकारी का अभाव है।
  • स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है।
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भाग B: आओ-इन पर विचार करें

प्रश्न 1: अलग-अलग लोगों की विकास की धारणाएँ अलग क्यों हैं? नीचे दी गई व्याख्याओं में कौन सी अधिक महत्वपूर्ण है और क्यों?
(क) क्योंकि लोग भिन्न होते हैं।
(ख) क्योंकि लोगों के जीवन की परिस्थितियाँ भिन्न हैं।
उत्तर: (ख) क्योंकि लोगों के जीवन की परिस्थितियाँ भिन्न हैं।
व्याख्या: लोगों की विकास की धारणाएँ इसलिए अलग हैं क्योंकि उनकी जीवन स्थितियाँ अलग हैं। जैसे — भूमिहीन ग्रामीण मजदूर के लिए विकास का अर्थ है अधिक दिन का काम और बेहतर मजदूरी, जबकि एक किसान के लिए विकास का अर्थ है बेहतर सिंचाई और अच्छी कीमतें।
प्रश्न 2: क्या निम्न दो कथनों का एक अर्थ है? कारण सहित उत्तर दीजिए।
(क) लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न होते हैं।
(ख) लोगों के विकास के लक्ष्यों में परस्पर विरोध होता है।
उत्तर: नहीं, इन दोनों कथनों का एक ही अर्थ नहीं है।
  • (क) लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न होते हैं — इसका अर्थ है कि अलग-अलग लोगों के अलग-अलग लक्ष्य होते हैं।
  • (ख) लोगों के विकास के लक्ष्यों में परस्पर विरोध होता है — इसका अर्थ है कि कभी-कभी एक व्यक्ति का विकास दूसरे व्यक्ति के लिए विनाशकारी हो सकता है। जैसे — बाँध बनाने से एक को सिंचाई का लाभ मिलता है, तो दूसरे का घर डूब सकता है।
इसलिए ये दोनों अलग-अलग अर्थ रखते हैं।
प्रश्न 3: कुछ ऐसे उदाहरण दीजिए, जहाँ आय के अतिरिक्त अन्य कारक हमारे जीवन के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
उत्तर: आय के अतिरिक्त निम्नलिखित कारक जीवन में महत्वपूर्ण हैं —
  • स्वतंत्रता और समानता
  • सुरक्षा (जीवन की सुरक्षा)
  • सम्मान और आत्म-सम्मान
  • स्वास्थ्य और शिक्षा
  • पर्यावरण की स्वच्छता
  • भाईचारा और सामाजिक मेल-मिलाप
जैसे — एक व्यक्ति को अधिक आय मिलती है, लेकिन उसके पास समय नहीं है, तो वह खुश नहीं रह सकता।
प्रश्न 4: ऊपर दिए गए खंड के कुछ महत्वपूर्ण विचारों को अपनी भाषा में समझाइए।
उत्तर: ऊपर दिए गए खंड में यह बताया गया है कि —
  • विकास का अर्थ केवल अधिक आय नहीं है।
  • लोग सुरक्षा, सम्मान, स्वतंत्रता और समानता भी चाहते हैं।
  • विकास के लक्ष्य अलग-अलग व्यक्तियों के लिए अलग-अलग हो सकते हैं।
  • कभी-कभी एक व्यक्ति का विकास दूसरे के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
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भाग C: आइए चर्चा करें

प्रश्न: “मेरे बाग़ के विकास नहीं कर सकते… इस व्यवस्था में मेरा विकास नहीं हो सकता” — इस कथन का क्या अर्थ है? चर्चा कीजिए।
उत्तर: यह कथन बताता है कि कभी-कभी विकास की प्रक्रिया में असमानता होती है। कुछ लोगों का विकास दूसरों के विकास में बाधा बन जाता है। जैसे — बड़े उद्योगों का विकास छोटे कारीगरों के लिए विनाशकारी हो सकता है। इसलिए विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें सभी का विकास हो, किसी का नुकसान न हो।
प्रश्न: क्या आप इस बात से सहमत हैं कि पालमपुर में कृषि भूमि का वितरण असमान है? क्या भारत में भी ऐसी ही स्थिति है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर: हाँ, हम सहमत हैं कि पालमपुर में कृषि भूमि का वितरण असमान है। पालमपुर में 450 परिवारों में से लगभग एक तिहाई (150 परिवार) भूमिहीन हैं, और 240 परिवारों के पास 2 हेक्टेयर से कम भूमि है। जबकि केवल 60 परिवारों के पास 2 हेक्टेयर से अधिक भूमि है।

भारत में भी ऐसी ही स्थिति है। आरेख 1.1 (पृष्ठ 7) के अनुसार, भारत में 85% कृषक सीमांत और छोटे किसान हैं, जिनके पास कुल कृषि क्षेत्र का केवल 44.6% है, जबकि 15% अर्ध-मझोले और बड़े किसानों के पास 55.4% कृषि क्षेत्र है।
प्रश्न: भारत के विकास के लिए क्या करना चाहिए? क्या सभी विचारों को बराबर का महत्व दिया जा सकता है? यदि परस्पर विरोधी हैं तो निर्णय कैसे किया जाए?
उत्तर: भारत के विकास के लिए यह आवश्यक है कि सभी नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाए।

  • सभी विचारों को बराबर महत्व नहीं दिया जा सकता, क्योंकि कुछ विचार परस्पर विरोधी होते हैं।
  • निर्णय लेते समय यह देखना चाहिए कि किसका लाभ अधिक लोगों को मिलेगा।
  • सरकार को सर्वहित के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।
  • न्यायपूर्ण और सही विकास के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
प्रश्न: एक जहाज ने 500 टन तरल जहरीले अवशेष एक शहर के खुले कूड़े घर और आसपास के समुद्र में डाल दिए। इस घटना के आधार पर —
(क) किन लोगों को लाभ हुआ और किन को नहीं?
(ख) इस देश के विकास के लक्ष्य क्या होने चाहिए?
(ग) आपके गाँव या शहर या स्थानीय इलाके के विकास के लक्ष्य क्या होने चाहिए?
उत्तर:
(क)
  • लाभ: बहुराष्ट्रीय कंपनी को लाभ हुआ, क्योंकि उसने सस्ते में कचरा फेंक दिया।
  • हानि: आइवरी कोस्ट के स्थानीय लोगों को भारी नुकसान हुआ — 7 लोग मारे गए, 20 अस्पताल में भर्ती, और 26,000 लोगों का इलाज करना पड़ा।
(ख) इस देश के विकास के लक्ष्य होने चाहिए —
  • नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा।
  • पर्यावरण संरक्षण।
  • सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण।
  • ऐसी नीतियाँ जो बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शोषण को रोकें।
(ग) हमारे गाँव/शहर के विकास के लक्ष्य होने चाहिए —
  • स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ।
  • बेहतर सड़कें और बिजली।
  • प्रदूषण मुक्त वातावरण।
  • रोजगार के अवसर।
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भाग D: कार्यकलाप

कार्यकलाप: तालिका 1.5 को ध्यान से अध्ययन कीजिए और निम्न अनुच्छेदों में रिक्त स्थानों को भरिए —
उत्तर:
श्रेणीपुरुषमहिला
ग्रामीण जनसंख्या की साक्षरता दर76%54%
10-14 वर्ष के ग्रामीण बच्चों में साक्षरता दर90%87%
10-14 वर्ष की आयु के स्कूल जाने वाले ग्रामीण बच्चों की प्रतिशत85%82%

(क) सभी आयु वर्गों की साक्षरता दर, जिसमें युवक और वृद्ध दोनों सम्मिलित हैं, ग्रामीण पुरुषों के लिए 76% थी और ग्रामीण महिलाओं के लिए 54% थी। यही नहीं कि बहुत से वयस्क स्कूल ही नहीं जा पाए बल्कि वर्तमान में स्कूल में नहीं है। इस समय स्कूल में नहीं है।

(ख) इस तालिका से स्पष्ट है कि 13% प्रतिशत ग्रामीण लड़कियाँ और 10% प्रतिशत ग्रामीण लड़के स्कूल नहीं जा रहे हैं। इसलिए, 10 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों में से 13% प्रतिशत ग्रामीण लड़कियाँ और 10% प्रतिशत ग्रामीण लड़के निरक्षर हैं।

(ग) हमारी स्वतंत्रता के 75 वर्षों के बाद भी, 10-14 वर्ष आयु के वर्ग में इस उच्च स्तर की निरक्षरता चिंताजनक है। बहुत से अन्य राज्यों में भी 14 वर्ष की आयु तक के सभी बच्चों को निशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के सर्वैधानिक लक्ष्य के निकट भी नहीं पहुँच पाए हैं, जबकि इस लक्ष्य को 1960 तक पूरा करना था।

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भाग E: तालिका 1.1 – विकास के लक्ष्य

प्रश्न: निम्नलिखित श्रेणियों के लिए विकास के लक्ष्य/आकांक्षाएँ भरिए —
उत्तर:
व्यक्ति की श्रेणीविकास के लक्ष्य/आकांक्षाएँ
भूमिहीन ग्रामीण मजदूरकाम करने के अधिक दिन और बेहतर मजदूरी; स्थानीय स्कूल उनके बच्चों को उत्तम शिक्षा प्रदान करने में सक्षम; कोई सामाजिक भेदभाव नहीं और गाँव में भी नेता बन सकते हैं।
पंजाब के समृद्ध किसानकिसानों को उनकी उपज के लिए स्वयं समर्थन मूल्यों और मेहनती और सस्ते मजदूर; ट्रैक्टर और पंपिंग सेट के लिए सस्ती कीमतें; अच्छी पैदावार के लिए सिंचाई व्यवस्था; उच्च पारिवारिक आय सुनिश्चित करना ताकि वे अपने बच्चों को विदेशों में बसा सकें।
किसान जो खेती के लिए केवल वर्षा पर निर्भर हैंखेती के लिए सिंचाई की उचित व्यवस्था; अच्छे बीज, खाद और मशीनों की उपलब्धता; फसल का अच्छा दाम मिलना चाहिए ताकि परिवार का गुजारा हो सके।
भूस्वामी परिवार की एक ग्रामीण महिलापरिवार के काम के अतिरिक्त शिक्षा और आत्मनिर्भरता; समाज में सम्मान और निर्णय लेने की स्वतंत्रता; महिलाओं को समान अधिकार मिले।
शहरी बेरोजगार युवकनौकरी के अवसर; कौशल विकास का प्रशिक्षण; शहर में बेहतर जीवनयापन और सुरक्षा; परिवार का सहयोग।
शहर के अमीर परिवार का एक लड़काउच्च शिक्षा के अवसर; अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए सस्ता श्रम; अपने कारोबार में बढ़ोतरी।
शहर के अमीर परिवार की एक लड़कीउसे अपने भाई के जैसी आजादी मिलती है और वह अपने फैसले खुद कर सकती है। वह अपनी पढ़ाई विदेश में कर सकती है।
नर्मदा घाटी का एक आदिवासीअपने घर और खेती में बने रहना; विस्थापन से बचाव; उचित मुआवजा; सिंचाई से लाभ; सरकारी सुविधाएँ जैसे स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र।
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भाग F: कार्यकलाप 2 – तालिका 1.5

कार्यकलाप 2: तालिका 1.5 के आधार पर उत्तर प्रदेश की ग्रामीण जनसंख्या की शैक्षिक स्थिति का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर: तालिका 1.5 के अनुसार —
  • ग्रामीण पुरुषों की साक्षरता दर 76% है, जबकि महिलाओं की 54% — यह लैंगिक असमानता दर्शाता है।
  • 10-14 वर्ष के बच्चों में साक्षरता दर पुरुष 90% और महिला 87% है — यह सुधार दर्शाता है।
  • 10-14 वर्ष के स्कूल जाने वाले बच्चों का प्रतिशत पुरुष 85% और महिला 82% है।
  • निष्कर्ष: शिक्षा में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी लड़कियों की स्थिति लड़कों से पीछे है।
⚠️ यह सामग्री केवल शैक्षणिक सहायता के लिए है। ये उत्तर NCERT पाठ्यपुस्तक (2024-25) के आधार पर तैयार किए गए हैं। कृपया अपनी पाठ्यपुस्तक से मिलान कर लें।

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Sanjay Kushwah

मेरा नाम Sanjay Kushwah है। मैंने 12th (Maths) complete किया है और वर्तमान में BA की पढ़ाई कर रहा हूँ। मैं Morena जिले के Kailaras क्षेत्र के Umray Ka Pura गांव से हूँ . मेरा लक्ष्य है कि भविष्य में Government Job प्राप्त करूँ या Teaching के क्षेत्र में अपना करियर बनाऊँ।

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